CM मान के OSD राजबीर घुम्मन को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने CBI गिरफ्तारी पर लगाई रोक
चंडीगढ़.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। घुम्मन के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में एफआइआर दर्ज की थी। इस एफआइआर में घुम्मन समेत छह लोगों को नामजद किया गया था।
क्या है मामला?
मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी फैसलों को प्रभावित करने से जुड़े इनपुट साझा किए जाने के बाद हुई। ईडी ने अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित लेन-देन से संबंधित जानकारी दी थी। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पांच अक्टूबर 2026 को सीबीआइ को एफआइआर दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सीबीआइ ने पांच अक्टूबर को एफआइआर दर्ज की। जस्टिस एमएम सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने निर्देश दिया कि मामले में कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। बेंच ने यह भी कहा कि राज्य को जांच में सहयोग करना चाहिए।
सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य आरोपियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव के गलत इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज की है। मामला सरकारी ट्रांसफर और पोस्टिंग, टेंडर, पॉलिसी से जुड़े फैसलों, लाइसेंसिंग और ज़मीन से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत से जुड़ा है। सीबीआई ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर पांच अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की थी। इसके विरोध में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
