कोलकाता भगदड़: एक अनाउंसमेंट से मची अफरा-तफरी, 19 लोगों की मौत की क्या थी वजह?
कोलकाता
लोगों ने शायद ही सोचा होगा कि जिस शाम को वे यादगार बनाने आए हैं, वही उनके जीवन की सबसे दर्दनाक शाम बन जाएगी। जगमगाते पंडाल के बीच अचानक ऐसा हादसा हुआ कि खुशियों का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिनमें से कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं इस हादसे के पीछे एक गलत अनाउंसमेंट की बात भी सामने आ रही है।
कोलकाता के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने की वजह अचानक हुई बारिश, भीड़ को ठीक से नहीं संभाल पाना और गलत अनाउंसमेंट हो सकती हैं। अधिकारी के मुताबिक, घटनास्थल से मिले सबूतों, स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के बयान से पता चलता है कि शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) शाम को पंडाल में भीड़ को सही तरीके से नियंत्रित नहीं किया गया। इससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
अब तक सात लोग गिरफ्तार
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के मामले में पुलिस ने आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोलकाता पुलिस के मुताबिक, गिरीश पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
पुलिस ने बताया कि भगदड़ के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा (48), उपाध्यक्ष शांतनु दुबे (55), बांस का ढांचा बनाने का काम देखने वाले बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48), भीड़ संभालने और खास मेहमानों के पास की जांच करने वाले कौशिक साहा (53), भीड़ संभालने वाले पिंटू डे (51) और निजी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी सुमन चक्रवर्ती (30) और राजेश पाल (29) शामिल हैं।
एक गलत अनाउंसमेंट बनी 19 मौत की वजह?
हादसे के वक्त मौजूद एक महिला ने बताया कि, जब पंडाल में भीड़ बढ़ने लगी तो अनाउंसमेंट की गई कि इतनी भीड़ होने से पंडाल गिर सकता है। महिला का दावा है कि इस घोषणा को सुनकर लोग घबरा गए और बगदड़ जैसी स्तिथि हो गई।वहीं पुलिस के मुताबिक, "हमने पूजा आयोजकों की बड़ी लापरवाही के कई सबूत जुटाए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को संभालने के लिए कोई ठोस प्लानिंग नहीं बनाई गई थी। हमने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है और स्थानीय लोगों व चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। इनसे हमारी बातों की पुष्टि हुई है। मौके पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी काफी कम थी।"
पुलिस के मुताबिक, व्यवस्था में कमी के कारण भगदड़ के दौरान लोगों ने एंट्री गेट से बाहर निकलने की कोशिश की। एंट्री गेट और आने-जाने का रास्ता दोनों ही काफी कम जगह वाले थे। इसी वजह से हालात बिगड़ गए और हादसा हो गया। पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि पंडाल में एंट्री करने, बाहर निकलने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी एनाउंसमेंट नहीं की गई थीं। इससे भीड़ के बीच लोग घबरा गए और स्थिति संभालना मुश्किल हो गया।
पुलिस ने दी ये जानकारी
पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमारे पास एक वीडियो फुटेज है, जिसमें घोषणा करते हुए लोगों से पंडाल खाली करने को कहा गया था। अनाउंसमेंट में बताया गया था कि पंडाल का हिस्सा गिर सकता है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह अनाउंसमेंट किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी।" स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया कि पंडाल में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर्याप्त नहीं थी। उनका कहना है कि ज्यादातर पुलिसकर्मी खास मेहमानों के एंट्री गेट के पास तैनात थे, जबकि बाकी जगहों पर भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात फोरेंसिक एक्सपर्ट की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां से जरूरी सबूत जुटाए। इन सबूतों की मदद से हादसे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
