चंडीगढ़ में नैतिक हत्याकांड के आरोपी का पुलिस एनकाउंटर, ASI प्रदीप को भी लगी गोली
चंडीगढ़.
सेक्टर-22 में नैतिक खंडेलवाल की हत्या के मामले में शनिवार सुबह हथियार बरामदगी के लिए सेक्टर-50 के जंगलों में ले जाए गए आरोपित मनमेहर प्रीत सिंह ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया, एक पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी।
गोली एएसआइ प्रदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में मनमेहर के दाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपित को सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के दौरान उसका भाई अर्श भी मौके पर मौजूद था।
नैतिक की हत्या में इस्तेमाल हथियार छिपाने का खुलासा
पुलिस जांच के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर बताया था कि नैतिक की हत्या में इस्तेमाल हथियार सेक्टर-50 के जंगलों में छिपाया गया है। इसी हथियार की बरामदगी के लिए शनिवार सुबह ऑपरेशन सेल की टीम दोनों भाइयों को लेकर वहां पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, बरामदगी की कार्रवाई के दौरान मनमेहर ने भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
पुलिस टीम पर गोली चलाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी फायरिंग की। इसमें मनमेहर के दाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे उपचार के लिए सेक्टर-32 अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने के कारण बड़ा हादसा टल गया। मामले में घटनास्थल की जांच और हथियार बरामदगी से जुड़ी आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इंटेलिजेंस विभाग में कार्यरत है पिता
मनमेहर प्रीत सिंह का पिता पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग में कार्यरत बताया गया है। नैतिक हत्याकांड में मनमेहर और उसके भाई अर्श की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और वारदात में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
