विधानसभा स्पेशल सेशन का आज आखिरी दिन, सदन में पेश होंगी 2 रिपोर्ट और जल संबंधी प्रस्ताव
चंडीगढ़
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र का आज 27 अक्टूबर को आखिरी दिन है। सदन की कार्यवाही के दौरान पानी के बंटवारे और जल संसाधनों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठेंगे। सरकार की ओर से कुल 5 प्रस्ताव पेश किए जाने हैं, जिनमें यमुना के पानी में पंजाब का हिस्सा, तीन हेडवर्क्स का नियंत्रण, डैम सेफ्टी एक्ट को रद्द करने, राजस्थान से पानी की कीमत वसूलने और पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का मुद्दा शामिल है। सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस समेत विपक्षी दल कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से सवाल कर सकते हैं। कार्यसूची के मुताबिक, सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा होगी और विभिन्न रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएंगी। पानी से जुड़े प्रस्तावों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच चर्चा होने की संभावना है।
पानी के मुद्दे पर पेश होंगे 5 सरकारी प्रस्ताव
विशेष सत्र के अंतिम दिन सरकार की ओर से जल संसाधनों और पंजाब के हितों से जुड़े पांच प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इनमें यमुना के पानी में पंजाब का हिस्सा तय करने का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा तीन हेडवर्क्स के नियंत्रण और डैम सेफ्टी एक्ट को रद्द करने से संबंधित प्रस्ताव भी कार्यसूची में हैं। राजस्थान से पानी की कीमत वसूलने और पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का मुद्दा भी सदन में उठाया जाएगा। इन प्रस्तावों पर सदन में क्या चर्चा होती है और उन पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह कार्यवाही के दौरान स्पष्ट होगा। पानी के बंटवारे से जुड़े विषय पंजाब में कृषि और जल संसाधन प्रबंधन के लिहाज से अहम हैं, इसलिए इन पर होने वाली चर्चा पर किसानों और अन्य संबंधित पक्षों की नजर रहेगी।
सत्र की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इसके बाद तीन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे, जिनके जरिए विधायक अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान दिलाएंगे। डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा बाकरपुर-ईसापुर-सताबगढ़ मार्ग पर कॉजवे के तत्काल निर्माण की जरूरत का मुद्दा उठाएंगे। मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला खियाला कलां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान दिलाएंगे। वहीं, बठिंडा के विधायक जगरूप सिंह गिल तीन सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत का मुद्दा उठाएंगे। इन प्रस्तावों के जरिए सड़क, स्वास्थ्य और सरकारी स्कूलों की स्थिति से जुड़े स्थानीय मुद्दे सदन के सामने आएंगे।
राज्य मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट पेश होगी कार्यसूची के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके अलावा 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास एवं वित्त निगम की बैलेंस शीट और लाभ-हानि का लेखा-जोखा भी पेश किया जाएगा।
अब तक ऐसे चली सेशन की कार्यवाही
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई। पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही करीब 9 मिनट में स्थगित कर दी गई। 23 अक्टूबर को सदन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पेश हो चुका प्रस्ताव
सरकार की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सदन ने पारित कर दिया। प्रस्ताव में मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई। 24 और 25 अक्टूबर को शनिवार-रविवार तथा 26 अक्टूबर को अवकाश होने के कारण सदन की बैठक नहीं हुई। जिसके बाद आज सेशन हुआ।
मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट भी होगी पेश
सदन की कार्यसूची में पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट पेश करने का कार्यक्रम भी शामिल है। इसके अलावा 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास एवं वित्त निगम की बैलेंस शीट और लाभ-हानि का लेखा-जोखा भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। इन दस्तावेजों के पेश होने के साथ संबंधित संस्थाओं की रिपोर्ट और वित्तीय विवरण विधानसभा के रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगे। अंतिम दिन पांच सरकारी प्रस्तावों के अलावा इन रिपोर्टों और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई थी। पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही करीब 9 मिनट में स्थगित कर दी गई थी। 23 अक्टूबर को सदन में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई। इसी दौरान सरकार की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सदन ने पारित कर दिया। प्रस्ताव में मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी। 24 और 25 अक्टूबर को शनिवार और रविवार तथा 26 अक्टूबर को अवकाश के कारण सदन की बैठक नहीं हुई। अब 27 अक्टूबर को अंतिम दिन की कार्यवाही होनी है, जिसमें पानी के मुद्दों, स्थानीय समस्याओं और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा पर नजर रहेगी।
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन जबरदस्त हंगामा हो गया। विधानसभा के बाहर कांग्रेस और आप नेता आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि उन्हें एंट्री नहीं करने दी गई। वहीं आप विधायक कुलदीप धालीवाल ने बाजवा पर आरोप लगाए।इससे पहले भाजपा नेता रवनीत बिट्टू विधानसभा के बाहर बोतल लेकर पहुंचे और मान सरकार पर निशाना साधा।
