श्री सत्य साई संजीवनी ने पूरी तरह से निःशुल्क 45,000 बच्चों की हृदय सर्जरी और इंटरवेंशन पूरे किए
नवा रायपुर स्थित ‘ श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल ‘ भारत का पहला बाल हृदय देखभाल केंद्र है, जिसने मानवता की सेवा में 14 वर्ष पूरे कर लिए हैं । इसके अलावा, हरियाणा के पलवल, महाराष्ट्र के खारघर और तेलंगाना के कोंडापाका स्थित केंद्रों ने क्रमशः 10, 8 और 2 वर्ष पूरे कर लिए हैं। रायपुर केंद्र में 28 दिसंबर 2012 को पहली सर्जरी हुई थी, और 27 अक्टूबर 2026 तक यहाँ 45,000 सर्जरी का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया गया ।
इस अवसर पर हमारा ध्येय वाक्य है – “जीवन बचाना, जीवन बदलना।”
इस अवसर पर बोलते हुए, श्री सत्य साई स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सि श्रीनिवास ने कहा, “बच्चों की हृदय सर्जरी और इंटरवेंशन के 45,000 के इस अहम पड़ाव को सत्य साईं संजीवनी टीम के सभी सदस्यों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण से हासिल किया गया है । हम इस मिशन को तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि हम आखिरी छोर तक न पहुँच जाएँ और आखिरी मरीज को न बचा लें ।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की शिक्षण और प्रशिक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाता है।”
हमारी अगली योजना नवा रायपुर में एक अत्याधुनिक हेल्थकेयर स्किल इंस्टीट्यूट ( कौशल संस्थान) स्थापित करने की है, जिसका मूल मंत्र है – शिक्षित करना, सशक्त बनाना और रोजगार देना । यह विशेष रूप से भारत की ग्रामीण और आदिवासी युवतियों के लिए है । उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के सहयोग को स्वीकार किया ।
जन संपर्क अधिकारी अजय कुमार श्रॉफ ने 45,000 पूर्णतः निःशुल्क सर्जरी को अद्भुत, अकल्पनीय और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात बताया ।
