October 29, 2026

हाई कोर्ट के निर्देश पर सतना में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माणों पर कार्रवाई

0
bijli-3.jpg

94 निर्माणों को नोटिस

भोपाल
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन तथा विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा सतना जिले में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में किए गए निर्माणों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में पांच ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण करने पर संबंधित लोगों को कुल 94 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें अधिकांश निर्माण डिलौरा क्षेत्र के हैं। एमपी ट्रांसको द्वारा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण से होने वाले गंभीर विद्युत जोखिमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

पांच ट्रांसमिशन लाइनों के कॉरिडोर में निर्माण चिह्नित
सतना में 132 केवी सतना सीमेंट, 132 केवी सतना-प्रिज्म सीमेंट, 132 केवी सतना-रामपुर, 132 केवी सतना-उचेहरा तथा 220 केवी सतना-कटनी ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में किए गए निर्माणों के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। इन लाइनों के नीचे और आसपास सुरक्षा मानकों के विपरीत किए गए निर्माणों से लोगों की जान को खतरा हो सकता है। तेज हवा या अन्य कारणों से विद्युत तारों के झूलने की स्थिति में मकानों, दुकानों और अन्य संरचनाओं के समीप दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। तारों के सीधे संपर्क के अलावा विद्युत आर्क से भी जानलेवा हादसा हो सकता है।

132 केवी लाइन के लिए 27 और 220 केवी के लिए 35 मीटर प्रतिबंधित कॉरिडोर
निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार, 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर तथा 220 केवी लाइन के दोनों ओर 35 मीटर का प्रतिबंधित कॉरिडोर निर्धारित है। इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के विपरीत निर्माण करना गंभीर विद्युत जोखिम पैदा कर सकता है। एमपी ट्रांसको द्वारा संबंधित निर्माण स्वामियों को नोटिस देकर सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जा रही है और प्रतिबंधित कॉरिडोर में निर्माण नहीं करने के लिए समझाइश दी जा रही है।

विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अभियान

एमपी ट्रांसको का यह अभियान मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन के साथ ही संभावित विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित कॉरिडोर में किसी भी प्रकार का निर्माण न करें तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed