प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को मिलेगा केन्द्रीय मंत्री पुरी के व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्य कुशलता का लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्यसभा प्रत्याशी एवं केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र पीठासीन अधिकारी को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में कहा कि सभी के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को पुरी जैसे अनुभवी, वरिष्ठ और कुशल नेतृत्व का साथ मिलने जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री पुरी भारत सरकार में कुशल प्रशासक के रूप में विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्य कुशलता निश्चित रूप से केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश के विकास के लिए लाभकारी सिद्ध होगी तथा उनके अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से केन्द्रीय मंत्री पुरी की सफलता के लिए प्रार्थना की तथा पुरी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, वरिष्ठ पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, मंत्रीगण और विधायक गण उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में समृद्ध बनाने तथा प्रदेश में आवास और नगरीय विकास के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार में केन्द्रीय मंत्री पुरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
लगभग 49 हजार करोड़ रुपए के निवेश वाले बीना रिफाइनरी विस्तार एवं डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 14 सितंबर 2023 को किया गया।
प्रदेश के सात शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, सतना और उज्जैन का चयन जनवरी 2016 से जून 2017 के बीच स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत किया गया।
उड़ान योजना के अंतर्गत ग्वालियर-बेंगलुरु एवं ग्वालियर-कोलकाता सेवाएं 20 जून 2019 को प्रारंभ हुई, 16 मार्च 2020 को इंदौर-किशनगढ़ सीधी उडान शुरू हुई।
जबलपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का अनुबंध जून 2019 में प्रदान किया गया।
भोपाल हवाई अड्डे की एटीसी टॉवर-सह-तकनीकी ब्लॉक परियोजना का अनुबंध अप्रैल 2021 में प्रदान किया गया।
भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2018 को मंजूरी दी। रूपए 14,442.20 करोड़ की इस परियोजना के लिए 19 अगस्त 2019 को त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में भोपाल को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में स्थान मिला और इंदौर ने सुपर स्वच्छ लीग में प्रवेश किया।
अमृत 2.0 का शुभारंभ 1 अक्टूबर 2021 को हुआ। वर्ष 2024 के अंत तक प्रदेश में 12 हजार 963 करोड़ 14 लाख रुपए लागत की 1,273 परियोजनाएं स्वीकृत की गई।
वर्ष 2021 से 2026 के बीच 35 इथेनॉल डिस्टिलरी और 15 सीबीजी (कम्प्रेस्ड बायोगैस) संयंत्र स्थापित।
