हरियाणा में सरकारी नौकरी के नियम बदले, अब इन लोगों को नहीं मिलेगा मौका
चंडीगढ़
तिब्बती शरणार्थियों, पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका और पूर्वी अफ्रीकी देशों से भारत में प्रवास करने वाले भारतीय मूल के लोगों को अब हरियाणा में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में नौकरी की पात्रता केवल भारतीय नागरिकों तथा नेपाल और भूटान के नागरिकों तक सीमित होगी। हालांकि नेपाल और भूटान के नागरिकों की नियुक्ति इस शर्त पर होगी कि उन्हें सरकार द्वारा पात्रता प्रमाणपत्र जारी किया गया हो।
कैबिनेट में हुआ फैसला
मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग (राज्य सेवा समूह-ग) विनियम 2002 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इन संशोधनों का उद्देश्य आयोग में नवसृजित ग्रुप-सी पदों को शामिल करना तथा मौजूदा प्रविधानों को नवीनतम सरकारी नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप बनाना है।
आयोग में परीक्षाओं की बढ़ती संख्या तथा अन्य संबंधित कार्यों के कारण कार्यभार में वृद्धि को देखते हुए तृतीय श्रेणी पदों में वृद्धि की जाएगी।
आयोग में ग्रुप-सी के कुल 85 स्वीकृत पद होंगे, जिनमें 15 नव-सृजित पद शामिल हैं। इनमें एक अनुभाग अधिकारी, तीन उप-अधीक्षक, एक निजी सहायक, 25 सहायक, दो सीनियर स्केल स्टेनोग्राफर, दो जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, छह स्टेनो टाइपिस्ट, 13 चालक, 29 लिपिक, एक रेस्टोरर तथा दो गेस्टेटनर आपरेटर के पद शामिल हैं।
हिंदी विषय की अनिवार्यत में संशोधन होगा
मैट्रिक स्तर तक हिंदी विषय की अनिवार्यता में भी संशोधन किया जाएगा। अब इसके स्थान पर मैट्रिक स्तर पर हिंदी या संस्कृत में से किसी एक विषय अथवा उच्च शिक्षा स्तर पर हिंदी विषय पढ़ा होना मान्य होगा।
ग्रुप सी पदों पर नियुक्ति के लिए पात्रता शर्तों में भी बदलाव किया गया है। इसके अतिरिक्त विनियम 13 के अंतर्गत अनुशासनात्मक मामलों, अपील तथा अन्य सेवा संबंधी मामलों के प्रविधानों को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के अनुरूप किया जाएगा। इस संबंध में वर्ष 1987 के पूर्ववर्ती नियमों के संदर्भ को प्रतिस्थापित किया जाएगा।
जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट बनने के लिए विज्ञान के साथ करनी होगी बारहवीं
कॉलेज में जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट बनने के लिए अभ्यर्थियों को अब भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गणित या जीव विज्ञान (पीसीबी) विषयों के साथ बारहवीं पास करनी होगी।
इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में लेबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। अभ्यर्थी के पास मैट्रिक स्तर पर हिंदी या संस्कृत विषय अथवा उच्च शिक्षा में हिंदी विषय का होना भी आवश्यक है। पदोन्नति के लिए निर्धारित योग्यता बारहवीं या इसके समकक्ष होगी।
सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष
सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है, जो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
ऊपरी आयु सीमा में छूट हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम 2016 के अनुसार दी जाएगी। नए नियमों के अनुसार आयोग वंचित अनुसूचित जातियों, अन्य अनुसूचित जातियों, पिछड़ा वर्ग, भूतपूर्व सैनिकों तथा दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित रिक्तियों के लिए निर्धारित अनुभव वाले पर्याप्त उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर अनुभव की आवश्यकता में 50 प्रतिशत तक की छूट दे सकता है।
