September 29, 2024

आईपीएस अधिकारी मनोज यादव रेलवे सुरक्षा बल के प्रमुख नियुक्त

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नई दिल्ली
वरिष्ठ आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी मनोज यादव को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में यह जानकारी दी गई है।

हरियाणा काडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी यादव, संजय चंदर का स्थान लेंगे जो 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगे। आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने आरपीएफ के महानिदेशक के पद पर यादव की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वह 31 जुलाई, 2025 को उनकी सेवानिवृत्ति तक इस पद पर बने रहेंगे।

एक अन्य आदेश के अनुसार, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के विशेष निदेशक शफी अहसान रिजवी को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) का सलाहकार नियुक्त किया गया है।

इसमें कहा गया कि एसीसी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में संयुक्त निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्ति के आधार पर राजेश प्रधान की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है और वह पद ग्रहण की तारीख से 30 जनवरी, 2027 में उनके अनुमोदित प्रतिनियुक्ति कार्यकाल तक इस पर रहेंगे। महाराष्ट्र काडर के 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रधान इस समय सीबीआई में उप महानिरीक्षक हैं।

 

सीबीआई ने 'अवैध' संपत्ति अर्जित करने के आरोपी निलंबित रेलवे अधिकारी के खिलाफ नया मामला दर्ज किया

नई दिल्ली
अपनी छह साल की सेवा में कथित रूप से 2.30 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निलंबित अतिरिक्त मंडल रेलवे प्रबंधक (एडीआरएम) के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक नया मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

सीबीआई ने 1997 बैच के भारतीय रेलवे सेवा के अधिकारी प्रबंधक जितेंद्र पाल सिंह को 1.5 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में 14 जनवरी को गिरफ्तार किया था। सिंह की नियुक्ति गुवाहाटी के मालीगांव में थी।

अधिकारियों ने कहा कि नई प्राथमिकी में सिंह पर गुवाहाटी के मालीगांव में एडीआरएम के तौर पर अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान 2.30 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

एजेंसी ने सिंह को 14 जनवरी को रिश्वत की कुल राशि में से कथित रूप से 50 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया था।

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि सिंह ने कथित रूप से 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी जो बिष्णु गुप्ता नामक एक ठेकेदार के पास जमा थी।

गुप्ता ने कथित रूप से एक डायरी में रिश्वत की राशि से संबंधित आंकड़े लिखे थे।

अधिकारियों ने कहा कि सिंह और उसके सहयोगियों के परिसरों पर तलाश अभियान के दौरान एजेंसी को काफी मात्रा में नकदी समेत उसकी आय, खर्च और अर्जित संपत्ति से संबंधित कई दस्तावेज मिले।

सिंह शुरुआत में 1997 बैच में आईआरएसई प्रशिक्षु के रूप में भारतीय रेलवे में शामिल हुए थे और उत्तर पूर्व फ्रंटियर रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर विभिन्न पदों पर रहे थे। सिंह की पत्नी एक गृहिणी हैं और मूल रूप से अजमेर की निवासी हैं। सिंह की पत्नी पर भी सिंह को उकसाकर अपने नाम पर संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है।

सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में सिंह के अलावा उसकी पत्नी, ठेकेदार बिष्णु गुप्ता का भी नाम शामिल किया गया है।

 

 

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