August 25, 2026

छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री

0
25A_171.jpg

छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी: मुख्यमंत्री

कृषि विभाग में चयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र 

उत्तर प्रदेश में 9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरीः सीएम योगी

जापान, जर्मनी, इजराइल समेत अनेक देश दे रहे यूपी के युवाओं को नौकरीः मुख्यमंत्री

सीएम ने कहा- 2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग, अब चोरी की तो अंजाम भुगतना पड़ेगा

लखनऊ, 
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने 9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी ढंग से बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां दी हैं। यूपी में कभी एक लाख नौकरियां कल्पना होती थी, लेकिन हम छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। रिजल्ट की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) व 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवचयनितों से कहा कि सरकार ने पारदर्शी नियुक्ति दी है तो आप भी इसका लाभ प्रदेश, भावी पीढ़ी और देश को दें। कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन ही ‘नेशन फर्स्ट’ की थ्योरी है।

सीएम ने थपथपाई आयोग की पीठ
सीएम ने कहा कि हमारे आयोग व बोर्ड पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से बिना भेदभाव, आरक्षण नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुसार सफलतापूर्वक नियुक्ति पत्र दिला रहे हैं। यह प्रशंसनीय है। योग्यतम अभ्यर्थियों के चयन से उनकी ऊर्जा का लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। 

अधियाचन के छह महीने में परिणाम दें
सीएम ने आयोग व बोर्डों के अधिकारियों से कहा कि आपके कार्यों में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यदि हमने स्वतंत्रता दी है तो समय से परिणाम लाइए। अधियाचन जाने के बाद परिणाम आने में छह महीने से अधिक नहीं लगना चाहिए। एक महीने के अंदर विज्ञापन और अगले दो महीने के अंदर परीक्षा कराएं। प्रक्रिया को सहज-सरल बनाएं, जिससे युवा अपनी ऊर्जा का लाभ दे सके। जब हम युवा ऊर्जा को साथ लेकर चलते हैं तो परिणाम आते हैं। 

मुख्यमंत्री योगी के हाथों 24 नवचयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र 

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य समारोह में मंच पर 24 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इनमें से प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) के 19 व मंडी सचिव पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों को सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र मिला। 

नाम-     तैनाती स्थल
कनिष्का वर्मा- अयोध्या 
रविप्रकाश सिंह- अयोध्या
अनीश निषाद-आजमगढ़
लवकुश यादव- लखीमपुर खीरी
दिशा सिंह- अयोध्या 
भावना श्रीवास्तव- प्रयागराज
अमित कुमार मौर्य-गोंडा
जूही वर्मा- अयोध्या
अविनाश सिंह- फतेहपुर
मो. अफरोज- जालौन 
ज्ञानवी तिवारी-गोंडा
प्रगति सिंह- मीरजापुर 
प्रज्ञा रस्तोगी- मथुरा
पवनेश कुमार-कौशांबी
शुभम कुमार-प्रयागराज
उपासना-गोरखपुर 
मधुमिता सिंह- गोरखपुर
अक्षिता सिंह-लखनऊ

ज्योतिका मिश्रा-लखनऊ

मंडी सचिव पद पर नवचयनित पांच अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
शिवशंकर चौधरी
विनोद कुमार
महिमा मौर्या
खुशनुमा
रवि माहौर

9 साल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
सीएम ने 9 साल में पारदर्शी नियुक्तियों को डबल इंजन सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस दौरान सरकार ने 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई है। किसी भी नियुक्ति पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता। 2017 से पहले तो विज्ञापन निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी और महाभारत का खानदान वसूली करने निकल पड़ता था। युवा भटकता था, लेकिन परिणाम नहीं आता था। अंततः माननीय न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। युवाओं का समय और उम्र खराब होती थी। नौकरी न पाने वाले युवाओं को लोग किसी काम का नहीं मानते थे, लेकिन गलती युवा की नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे राजनेताओं, आयोगों व बोर्डों में बैठे बेईमान लोगों की होती थी। हमारी सरकार ने कहा था कि नकल माफिया की कमर तोड़ेंगे और उनके आकाओं को भी जमीन दिखाएंगे। हम लोगों ने माफिया की संपत्ति जब्त कराकर उनसे वसूली कराई। 

नौजवानों की दुश्मन थी पिछली सरकार
सीएम ने 2017 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षा की दुर्दशा भी बताई और कहा कि तीन महीने परीक्षा और तीन महीने परिणाम आने में लगते थे। फिर अगले तीन महीने त्योहारों के बीच प्रवेश प्रक्रिया चलती थी। बच्चों को पढ़ाई के लिए तीन महीने भी नहीं मिल पाते थे। नौजवानों की दुश्मन सपा सरकार नकल करवाती थी और नौजवानों को किसी लायक नहीं छोड़ती थी। 

एक महीने में परीक्षा व परिणाम नहीं देने वाले कुर्सी छोड़ें 
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में सीएम बनने के बाद मैंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि परीक्षा व परिणाम एक महीने में दो। जवाब नकारात्मक मिला तो मैंने कहा कि तुम कुर्सी छोड़ो, मैं एक महीने के अंदर यह कराऊंगा। आज यूपी बोर्ड के 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में होती है और अगले 14 दिन में परिणाम आता है। पहले फरवरी से शुरू हुई परीक्षा जून में लू-तपती गर्मी तक चलती थी। अब नकलविहीन परीक्षा और समय से परिणाम आ रहे हैं। विश्वविद्यालयों को भी सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। शिक्षण संस्थान बच्चों की स्किलिंग, करियर, रोजगार के लिए भी खुद को तैयार करें।

युवाओं की उपेक्षा कर विकास नहीं कर सकती सरकार
सीएम ने कहा कि इन 9.30 लाख युवाओं ने डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में यूपी को लाभान्वित किया है। यूपी की अर्थव्यवस्था व प्रतिव्यक्ति आय को तीन गुना करने में योगदान दिया है। पिछली सरकारें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती थीं। बंदरबांट कर पैसे के बल पर नौकरी देती थीं, लेकिन आज युवाओं के चेहरे की खुशी बता रही है कि बिना किसी लेनदेन, सिफारिश के उनके सपनों को उड़ान मिल रही है। युवा यूपी को बीमारू राज्य से उबारकर टॉप-3 राज्य बनाने में सफल हुए हैं। कोई सरकार युवाओं की उपेक्षा करके न विकास कर सकती और न ही परिणाम ला सकती है। 

यूपी के युवाओं को दुनिया दे रही नौकरी
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यहां कोई नहीं आता था, लेकिन दुनिया आज यूपी के नौजवानों को मांग रही है। उन्होंने विगत दिनों यूपी में आए जापान के प्रतिनिधिमंडल का भी जिक्र किया। कहा कि 240 सदस्यों का इतना बड़ा दल पहली बार भारत आया। इसमें बड़े नेता, अधिकारी, इडस्ट्री-बिजनेस लीडर्स शामिल थे। वे यूपी के युवाओं को जापान में नौकरी देना चाहते हैं। जर्मनी, इजराइल भी यूपी के नौजवानों को नौकरी देते हैं। इजराइल में यूपी के 5000 नौजवान गए, वहां डेढ़ लाख रुपये प्राप्त करते हैं। घर पर भी पैसा भेज रहे हैं। उनके रहने-खाने की भी व्यवस्था है। इजराइल जब युद्ध लड़ रहा था, तब भी यूपी के युवा वहां काम कर रहे थे। 

2017 के पहले खेतों से मोटर चोरी कराते थे सरकार के लोग
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले किसान खेत में जाने से डरता था। उसकी मोटर चोरी हो जाती थी, लेकिन अब कोई मोटर चोरी नहीं करता, क्योंकि पता है कि ऐसा करने पर अंजाम भुगतना पड़ेगा। 2017 के पहले सरकार के लोग ही मोटर चोरी कराते थे। सीएम ने 2017 के पहले बिजली क्षेत्र की दुर्दशा का भी जिक्र करते हुए बताया कि यूपी के किसानों को सर्वाधिक (10 घंटे) बिजली मिलती है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल का 3000 करोड़ रुपये का बिजली बिल भी सरकार ने माफ किया। अब इसका भुगतान प्रदेश सरकार करती है। पहली बार यूपी में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिला है।

जिस चीनी मिल का स्क्रैप 10 करोड़ में बिकता, उसे 3 करोड़ में बेच दिया 
सीएम ने 2017 से पहले गन्ना किसानों की तबाही बयान की और बताया कि 2009 से चीनी मिलों पर बकाया था। 2007 से 2017 के बीच सपा-बसपा सरकारों ने 29 चीनी मिलों को बंद किया था और 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। गोरखपुर मंडल की एक चीनी मिल मात्र तीन करोड़ रुपये में बेची गई थी, जबकि उसका स्क्रैप ही 10 करोड़ में बिकता। उस जमीन की कीमत आज 1000 करोड़ रुपये है। बतौर सांसद मैंने आंदोलन किया और माफिया की चलने न दी। तत्कालीन सरकारें चीनी मिलों को बंद करती थीं। आज 122 मिलें चल रही हैं।

30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं कृषि विकास दर
सीएम ने कहा कि यूपी जितना सामर्थ्य किसी के पास नहीं है। यूपी ने कृषि विकास दर 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया। अब इसे और आगे बढ़ाते हुए 30 फीसदी तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने होंगे। चौधरी चरण सिंह सीड पार्क काम काम लखनऊ में प्रारंभ हो रहा है। अब 3.25 लाख करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जा चुके हैं। सीएम ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया। 

किसानों के लिए 2014-15 में आया पैसा हमने 2017 में बांटा 
सीएम ने कहा कि 2014-15 में हुदहुद साइक्लोन आया था, जिससे असमय अतिवृष्टि, अनावृष्टि, अत्यधिक बारिश से वर्ष भर का फसल चक्र बिगड़ा था। उस समय केंद्र सरकार ने आपदा राहत से पैसा उपलब्ध कराया था। यह पैसा 2017 तक नहीं बंट पाया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने किसानों को वह पैसा बांटा। अब मानव-वन्यजीव संघर्ष, सर्पदंश, आकाशीय बिजली की चपेट में आने पर किसान, बटाईदार व परिवार वालों को 24 घंटे के भीतर 5 लाख की सहायता देते हैं। अतिवृष्टि-अनावृष्टि खेत का नुकसान हुआ है तो फसल बीमा का पैसा बाद में मिलेगा, लेकिन आपदा राहत का पैसा किसान को तत्काल दिलाते हैं।

हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले किसान सरकार के एजेंडे में ही नहीं था, लेकिन हमारी सरकार ने सिंचाई के दायरे को भी बढ़ाया। 2018 में बाणसागर परियोजना पूरी की। इससे ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। अर्जुन सहायक परियोजना के जरिए महोबा से बांदा तक सिंचाई सुविधा को बढ़ाया। 1972 में बनी सरयू राष्ट्रीय नहर परियोजना 2021 में पूरी हुई। इससे बहराइच से गोरखपुर तक 9-10 जनपदों को 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा मिल रही है। 

अच्छे कार्यों से किसानों के मन में जगह बनाइए
सीएम ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से कहा कि मंडियों को चमकाइए। वह साफ-सुथरी हों, कचरे का निस्तारण व रंगरोगन हो। किसानों को बुनियादी सुविधाएं, सम्मान मिले, मंडी समिति की सड़कों का समय से निर्माण हो। शेड अच्छे व प्रभावी हों। किसान की उपज की खरीद व एमएसपी देने की उचित व्यवस्था हो। मंडी को ई-नाम से जोड़ने की कार्रवाई को बढ़ाइए। किसानों को वैल्यू एडिशन, ड्रिप एरिगेशन, स्प्रिंकलर प्रणाली, आधुनिक तकनीकों से जोड़ें ताकि उनकी आमदनी बढ़े। आपके अच्छे कार्यों से किसानों के मन में श्रद्धाभाव पैदा होगा। 

यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं
सीएम ने कहा कि यूपी 140 करोड़ देशवासियों का भी पेट भरने की क्षमता रखता है। यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है। यूपी में एक महीने की कुल खपत 4 लाख टन चीनी है और हमारे पास 28 लाख टन चीनी (7 महीने की चीनी) मौजूद है। 15 अक्टूबर से चीनी मिलें प्रारंभ होगी तो 90 लाख टन चीनी का और उत्पादन हो जाएगा। 

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव (कृषि) रविंद्र, कृषि निदेशक त्र्यंबक मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *