परविंदर झोटा के पोस्टमार्टम पर माना परिवार, निहंग सिंहों ने किया इनकार
मानसा.
एंटी ड्रग टास्क फोर्स के नेता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा परिवार को आश्वासन दिए जाने के बाद, मंगलवार देर रात करीब बारह बजे CBI की टीम थाना सिटी-2 पहुंच गई। गृह मंत्री के दौरे के महज आठ घंटे के भीतर ही जांच एजेंसी के सक्रिय होने से मामले में तेजी आ गई है।
वहीं, CBI परविंदर सिंह झोटा के शव का पोस्टमार्टम पीजीआई में करवाना चाहती है। शव को चंडीगढ़ ले जाने के लिए जब टीम पहुंची तो वहां निहंग सिंह भी पहुंच गए। जिसके बाद माहौल गर्मा गया है। निहंग सिंहों का कहना है कि परिवार के सदस्य की रजामंदी के बाद ही शव यहां ले लेकर जाया जाएगा। जिसके बाद भारी गिनती में पुलिस बल सिविल अस्पताल मॉर्चुरी के बाहर तैनात किया गया है।
कैसे हुई हत्या
एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में हुई थी, यहां परविंदर ने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई थी. विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई. हत्या के बाद दुकान का मालिक मौके से फरार हो गया था, बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे. रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से पहले उनका मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सामना हुआ था. झोटा उस व्यक्ति पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगा रहे थे.
